शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
आगरा में लोहामंडी स्थित शिवहरे समाज की धरोहर राधाकृष्ण मंदिर के लिए इस बार गोवर्धन पूजा और अन्नकूट समारोह बहुत खास होगा। वजह यह है कि मंदिर में पूर्ण दरबार की स्थापना के बाद यह पहला गोवर्धन है। इससे पहले भगवान राम के वनवास से लौटने की खुशी में मनाई जाने वाली दिवाली बीते रोज मंदिर में पहली बार राम दरबार के समक्ष मनाई गई।

बता दें कि इस वर्ष फरवरी में मंदिर में रामदरबार, दुर्गामाता, हनुमानजी और शिवदरबार की स्थापना की गई थी। मंदिर के संस्थापक दानवीर सेठ स्व. चिरंजीलाल शिवहरे ‘बप्पू’ की प्रतिमा को भी परिसर में उचित स्थान देते हुए प्लेटफार्म पर स्थापित की गई है जो बुजुर्गों के प्रति सम्मान की एक बानगी है। मंदिर का प्रांगण का फर्श, स्तंभ और छत भी अब आकर लगभग तैयार हो गया है। कुल मिलाकर मंदिर श्री राधाकृष्ण के पुनर्निर्माण और पुनरुद्धार का यह सफल अभियान दरअसल एक सामाजिक धरोहर को समाज के सहयोग से सहेजने की एक शानदार मिसाल है।

मंदिर की सीढ़ियों से आरंभ होकर राधाकृष्ण दरबार के प्रवेश तक विस्तारित हॉल के फ्लोरिंग और कॉलम को महंगे मकराना पत्थरों से सज्जित करने का कार्य कराया है शहर के प्रमुख आबकारी कारोबारी और मंदिर श्री दाऊजी महाराज प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष श्री किशन शिवहरे ने। उनके द्वारा अपने पिता स्व. श्री शिवनारायण शिवहरे एवं माताजी स्व. श्रीमती सत्यवती शिवहरे की स्मृति में कराए गए इस निर्माण कार्य से मंदिर को भव्यता में चार चांद लग गए हैं।

इस पर ‘सोने पे सुहागा’ वाली बात यह है कि इस हॉल की छत का काम भी उतना ही खूबसूरत तरीके से किया गया है। श्री रवि गुप्ता (AtoZ interior products) की ओर से इस हॉल की रूफ पैनलिंग कराई गई है।

राम दरबार की स्थापना भाजपा नेता एवं समाजसेवी श्री कुलभूषण गुप्ता रामभाई के सौजन्य से स्थापित की गई है। यह पूर्ण दरबार है जिसमें भगवान श्रीराम एवं माता सीता के अतिरिक्त लक्ष्मण और हनुमानजी की प्रतिमाएं भी हैं। वहीं मातारानी की स्थापना दो भाइयों धीरज शिवहरे एवं नीरज शिवहरे के सौजन्य से हुई है। शिव दरबार और हनुमानजी की प्रतिमा मंदिर समिति ने स्वयं कराई है।

मंदिर श्री राधाकृष्ण प्रबंध समिति के महासचिव श्री मुकुंद शिवहरे ने बताया कि मंदिर के लिए इस बार गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव विशेष महत्वपूर्ण है। मंदिर में भगवान राधाकृष्ण के साथ अब राम दरबार, शिव दरबार, मातारानी और हनुमानजी भी विराजमान हैं और उनके समक्ष पहली बार गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे में मंदिर की फूलों से विशेष सजावट की गई है। शाम सात बजे गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट समारोह का आयोजन किया जाएगा।

अध्यक्ष श्री अऱविंद गुप्ता ने सभी समाजबंधुओं को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट समारोह में आमंत्रित किया है। वहीं, कोषध्यक्ष श्री कुलभूषण गुप्ता रामभाई ने भी समाज के लोगों से गोवर्धन के सामूहिक पूजन की परंपरा में भागीदारी करने और अन्नकूट की प्रसादी ग्रहण करने का अनुरोध किया है।











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