सोम साहू
हाल में उत्तर प्रदेश जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ-ग्रहण समारोह में अयोध्या जाने का अवसर प्राप्त हुआ। भव्य मंच कलचुरी समाज के प्रतिष्ठित संगठनों के अध्यक्षों एवं राजनीति, सामाजिक और उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों से शोभायमान था। वहीं मंच के नीचे एक उम्रदराज शख्स पर नजर गई जिनकी ऊर्जा और व्यस्तता देख मैं तो क्या, कोई भी अंदाजा लगा सकता था कि कार्यक्रम का जिम्मा इन्हीं के कंधों पर है। मेरा अनुमान सटीक निकला..मंच संचालन कर रहे श्री अटल कुमार गुप्ता ने कलचुरी समाज के 'भीष्म पितामह' के संबोधन के साथ उन्हें स्वागत उदबोधन के लिए आमंत्रित किया। वह थे श्री अजय कुमार जायसवाल।
क्या होता है भीष्म पितामह होने के मतलब? एक बड़े कुनबे का मुखिया होना या किसी खास प्रतिज्ञा को पूरा करने में सारा जीवन खपा देना..यह विचार करते हुए शर-शैय्या भी ध्यान आई। श्री अजय कुमार जायसवाल के नाम से मेरा परिचय 2011 में हुआ, जब हमने शिवहरे वाणी पत्रिका शुरू की थी। पहले पहल आगरा में कई शिवहरे बंधुओं से बातचीत के दौरान दो-चार बार उनका नाम सुना, यह कहते हुए, 'लखनऊ में हैं हमारे अजय जायसवालजी….उनकी मदद लेंगे।' मैं मन ही मन सोचता था..वह मदद क्यों करेंगे भला!
मई, 2017 में शिवहरे वाणी पोर्टल लांच होने के बाद अजय जायसवालजी के नाम से बाबस्तगी बढ़ती गई। समाज के ज्यादातर कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति और सम्मान के समाचार विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होते रहते थे। कभी दिल्ली हैं, तो अगले ही रोज गोरखपुर, कभी भोपाल तो कभी मुंबई। तस्वीरों से उम्रदराजी पता तो लग ही जाता है…सोचता था कि इतनी ऊर्जा आती कहां से है। धीरे-धीरे इन सवालों के जवाब भी सामने लगे।
अजय कुमार जायसवालजी की शख्सियत में सामाजिक सहयोग के पहलू की पहली जानकारी झांसी में सालिगराम रायजी के व्हाट्सएप पोस्ट से मिली, जिसमें उन्होंने अपने अंकल को बेहद इमरजेंसी की स्थिति में केजीएमसी जैसे संस्थान में एडमिट कराकर उचित उपचार दिलाने के लिए श्री अजय कुमार जायसवालजी की शुक्रगुजारी जताई थी। इसके बाद एक के बाद एक समाजबंधुओं को उनके सहयोग के कई मामले सामने आए। ऐसे कुछ और मामलों की जानकारी आगरा के वरिष्ठ समाजसेवी श्री धर्मेंद्र राज शिवहरे के माध्यम से भी मिली, जो उनके काफी निकट हैं।
प्रतापगढ़ में जायसवाल बंधुओं की हत्या की घटना में और फिर गोंडा में बाबूलाल जायसवाल की हत्या के मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आपने कलचुरी समाज को प्रदेश स्तर पर एकजुट कर संघर्ष छेड़ा, जिसकी व्यापक कवरेज शिवहरे वाणी ने भी की। समाज की निःस्वार्थ सेवा से श्री अजय कुमार जायसवालजी के प्रति श्रद्धा और सम्मान बढ़ता गया। सामाजिक कार्यों में खुद को पीछे रखकर युवाओं को आगे बढ़ाने और उनकी ताकत बनने वाले श्री अजय कुमार जायसवाल को आज देशभर में कलचुरी समाज की दबंग आवाज के रूप में जाना जाता है। वह कलचुरी समाज के उन अग्रणी लोगों में हैं जो जिनकी राय ही सामाजिक संगठनों और सेवियों का एजेंडा तय कर देती है। वह अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष होने के साथ ही बिहार एवं उत्तराखंड के प्रभारी भी हैं।
श्रद्धेय श्री अजय कुमार जायसवालजी के साथ कभी लंबी वार्ता करने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन आज उनके 72वें जन्मदिन पर मैं कलचुरी समाज-हित के प्रति उनके ऊर्जित भावों, भावनाओं और समर्पण को प्रणाम करता हूं, और उसकी स्वस्थ जीवन, दीर्घायु के साथ ही समाजहित में उनके इसी तरह सक्रिय रहने की कामना करता हूं। कभी अवसर मिला तो उनसे पूछूंगा जरूर कि इस उम्र में भी इतनी ऊर्जा से लबरेज होने का राज क्या है? इसके पीछे समाजहित में काम करते रहने की कोई खास प्रतिज्ञा है, या फिर एक बड़े कुनबे के मुखिया होने की जिम्मेदारी?
गर्व की बात यह है कि आज 72वें जन्मदिन पर श्री अजय कुमार जायसवालजी को 'अटल सम्मान' से सम्मानित किया गया है। लखनऊ में मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन द्वारा दिया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान श्री जायसवालजी के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ह्रदयनारायण दीक्षित एवं वीर विक्रम बहादुर मिश्र को भी प्रदान किया गया।
इसी के साथ श्री अजय कुमार जायसवाल ने पत्रकारिता पेशे में अपने 50 वर्ष भी पूर्ण कर लिए हैं। वह 1968 से लेकर अब तक विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं में रहें हैं। वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकार होने के साथ ही देश के सबसे बड़े न्यूज़ पोर्टल 'प्रभा साक्षी' को भी सेवाएं दे रहे हैं।
समाचार
72 में भी अपनी ऊर्जा से चौंकाते हैं अजय कुमार जायसवाल..बधाइयों के बीच एक और सम्मान
- by admin
- October 29, 2016
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- 9 years ago









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