January 11, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

डा. संजय जायसवाल को वोट मत देना…ऐसा क्यों बोल गए अमित शाह

शिवहरे वाणी नेटवर्क
बेतिया।             
हाल ही में मैगजीन ‘फेम इंडिया’ और एशिया पोस्ट के संयुक्त सर्वे में ‘कर्तव्य-परायणता’ की श्रेणी में सबसे शक्तिशाली सांसद माने गए डा. संजय जायसवाल एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। पश्चिमी चंपारण बेतिया लोकसभा सीट से सांसद डा. संजय जायसवाल क्या जीत की हैट्रिक लगा पाएंगे, इस बड़े सवाल का जवाब 12 मई को इवीएम में लॉक हो जाएगा। वैसे इस वैश्य बाहुल्य निर्वाचन क्षेत्र में डा. जायसवाल की जीत लगभग तय मानी जा रही है। उन्हें सभी जातियों का समर्थन मिल रहा है। बीते दिनों अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने डा. जायसवाल से मुलाकात की और स्थानीय स्वजातीय बंधुओं से उन्हें जिताने की मजबूत अपील की। 
डा. जायसवाल की जीत को लेकर खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी काफी आश्वास्त हैं। संभवतः इसीलिए बीते दिनों यहां हुए एक जनसभा में शाह ने मंच से चौंकाने वाली अपील कर दी, उन्होंने पब्लिक से कहा कि आप लोग संजय जायसवाल को वोट मत देना। यह देखने में सीधा-सादा आदमी लगता है. लेकिन है दबंग। दिल्ली में आप लोगों के लिए झगड़ा करता है।  क्षेत्र में गरीबों को रसोई गैस, शौचालय, सड़क जैसी  सुविधाओं को विकसित करने के लिए आप संजय जायसवाल को वोट मत देना। इसके बाद शाह ने सभी मुद्दों पर राष्ट्रवाद को अहमियत देते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को सुरक्षित करने का जो काम किया है, आप लोग उसके लिए वोट देना। 

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दरअसल अमित शाह क्षेत्र में डा. संजय जायसवाल की लोकप्रियता से वाकिफ हैं, और जानते हैं कि जायसवाल को स्वजातीय कलचुरी समेत संपूर्ण वैश्य समुदाय और सवर्णों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। इसलिए शाह ने अपनी बात को इस अंदाज में कहने का जोखिम उठाया और जायसवाल की कर्तव्य-परायणता के साथ मोदी के राष्ट्रवाद को जिताने की दोहरी अपील की। डा. संजय जायसवाल ने अपने सेवा कार्यों से सर्वसमाज में अपनी पकड़ बनाई है। यही कारण है कि जायसवाल 2009 और 2014 में लगातार दो बार सांसद चुने गए। उनके पिता डॉ. मदन प्रसाद जायसवाल भी भाजपा के लोकप्रिय नेता रहे और 1996, 1998 व 1999 में लगातार तीन बार निर्वाचित हुए थे। 2004 में मदन जायसवाल के निधन के बाद डा. संजय जायसवाल ने पिता की राजनीतिक विरासत संभाली। 
पटना मेडिकल कालेज से एमबीबीएस और दरभंगा मेडिकल कालेज से एमडी डा. संजय जायसवाल आकर्षक  व्यक्तित्व के धनी हैं। 53 वर्षीय डा. जायसवाल की यहां लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2014 के चुनाव में उन्होंने मशहूर फिल्म निर्देशक और जदयू उम्मीदवार प्रकाश झा को बड़े अंतर से हराया था। डा. संजय जायसवाल मौजूदा लोकसभा के सक्रिय सांसदों में हैं। वह सूचना प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाहकार समिति और पुडुचेरी की गवर्निंग कमेटी JIPMER के सदस्य हैं। इसके अलावा एम्स गवर्निंग बॉडी पटना और केंद्र की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद के सदस्य भी हैं। उन्होंने अपने सांसद निधि का 97 फीसदी पैसा खर्च किया है,  102 बहसों में हिस्सा लिया और 336 सवाल पूछे। विभिन्न मुद्दों पर 7 प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किए। डॉ. संजय जायसवाल को विश्व स्वास्थ्य बोर्ड का सदस्य भी चुना गया है जहां इनका कार्यकाल 2022 तक रहेगा।
हालांकि इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हैं। डॉ. संजय जायसवाल का मुकाबला महागठबंधन की ओर से रालोसपा के डा. ब्रजेश कुमार कुशवाहा से है। जबकि राजन तिवारी महागठबंधन से टिकट न मिलने पर बागी हो गए और बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में कूद गए हैं। 16 लाख से अधिक वोटरों वाले इस क्षेत्र के समीकरण देखें तो वैश्य, यादव-मुस्लिम, ब्राह्मण के बाद यहां कोईरी-कुर्मी वोट अधिक हैं। डॉ संजय जायसवाल को वैश्य वोटर्स के अलावा सवर्ण मतदाताओं पर भरोसा है। 
डा. संजय जायसवाल ने जनसेवा के भाव से अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता में अपने प्रति विश्वास को मजबूत किया है।  खास बात यह है कि अपने डाक्टरी पेशे को उन्होंने सेवा का जरिया बनाया। बाढ़ की स्थिति में खुद की नाव पर सवार होकर प्रभावित इलाको में पहुंच जाते है, मेडिकल कैंपों में जाकर प्रभावित लोगों का परीक्षण करते हैं, दवाएं देते हैं। प्रशासन के राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी भी करते हैं।  डा. संजय जायसवाल को मेडिकल पेशे में उनकी माताजी  डा. श्रीमती सरोज जायसवाल और पत्नी डा. श्रीमती मंजू चौधरी चिकित्सा का सहयोग मिलता है। उनका एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं।
बीते दिनों अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने डा. संजय जायसवाल से मुलाकात कर उन्हें स्वजातीय बंधुओं के समर्थन को लेकर आश्वस्त किया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप भाई धीरज लाल जायसवाल के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष एवं पत्रकार अजय कुमार जायसवाल, राष्ट्रीय महासचिव अशोक जायसवाल, यूपी एवं महाराष्ट्र प्रभारी जायसवाल अटल कुमार गुप्ता ,कार्यकारी अध्यक्ष कपिल जायसवाल कानपुर ,यूपी कोषाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री धर्मेन्द्र राज शिवहरे , जायसवाल नवीन प्रकाश सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय सामजबंधुओं से भी मुलाकात की और डा. संजय जायसवाल के लिए समाज के समर्थन पर संतोष व्यक्त किया। 

 

 

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