शिवहरे वाणी नेटवर्क
आरा।
बिहार के आरा जिले की दस वर्षीय दिव्या कुमारी के जीवट और प्रतिभा के लोग कायल हो रहे हैं। महज डेढ़ वर्ष की उम्र में अपना एक पैर गंवा चुकी इस बच्ची ने अब एक पैर से जीना ही नहीं, दिलों को जीतना भी सीख लिया है। बीते दिनों बलिया में हुए कलचुरी समाज के एक समारोह में इस बच्ची ने मंच पर एक पैर से शानदार नृत्य प्रस्तुति देकर बताया कि विकलांगता को किस तरह हिम्मत, लगन और दृढ़ता के बल पर दिव्यांगता में तब्दील किया जा सकता है।
झांसी के वरिष्ठ समाजसेवी और भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री दयाराम राय ने दिव्या कुमारी के इस नृत्य का वीडियो पोस्ट करते हुए उसकी कहानी दुनिया के सामने लाने का काम किया। इसके बाद से दिव्या कुमारी के पिता रंजीत कुमार के पास तमाम लोगों के फोन आ रहे हैं। आरा के नवादा थाना क्षेत्र के गांव पकड़ी के रहने वाले कलचुरी बुजुर्ग महेश प्रसाद की नातिनी दिव्या कुमारी महज वर्ष की अवस्था में दुर्भाग्य का शिकार हो गई। उसके दायें पैर में एक घाव हो गया था, जो बढ़कर इतना घातक हो गया कि चिकित्सकों को उसका एक पैर काटकर अलग करना पड़ा।
एक पैर नहीं होना कितना बड़ा दुर्भाग्य होता है, एक डेढ़ वर्ष की बच्ची भला क्या अहसास कर पाती। वह साथ के बच्चों के साथ खेल नहीं पाती थी, शरारत नहीं कर पाती थी। गांव में पान की दुकान चलाने वाले पिता रंजीत कुमार को बेटी की यह लाचारी दुखी करती थी। उनके पास कोई रास्ता नहीं था, सिवाय इसके कि बच्ची को अब एक पैर से जीना सिखाएं।
नन्ही दिव्या ने एक पैर से चलना सीखा…फिर दौड़ने भी लगी। लंगड़ी-छू के खेल में कोई बच्चा उसके सामने टिक नहीं पाता था। पिता ने गांव के ही स्कूल में उसे दाखिला दिला दिया, जहां उसकी नृत्य प्रतिभा भी सामने आई। कक्षा चार में पढ़ रही दिव्या कुमारी अब स्कूल के हर समारोह में एक डांस प्रस्तुति अवश्य देती है और लोग उसके नृत्य को देखने के लिए लालायित रहते हैं। आज स्कूल के टीचर्स अपने स्टूडेंट्स को दिव्या के जीवट की मिसाल देते हैं, और बताते हैं कि जिंदगी न मिलेगी दोबारा…किसी भी हाल में हताश न हों, हिम्मत से डटे रहो….रास्ते मिलने में और खुलने में देर नहीं लगती।
ब्याहुत जायसवाल कलवार महासभा बलिया के अध्यक्ष श्री राजाराम प्रसाद को जब दिव्या की प्रतिभा के बारे में पता चला तो उन्होंने बीते दिनों बलभद्र जन्म समारोह में उसे आमंत्रित किया और मंच पर उसकी नृत्य प्रस्तुति कराई। दिव्या के नृत्य ने सभी का दिल जीत लिया। इसके बाद झांसी के श्री दयाराम राय ने भी इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। श्री दयाराम राय का कहना है कि सभी समाजबंधुओं ने इस कलचुरी बच्ची की प्रतिभा को आगे लाने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कलचुरी समाज के सभी संगठनों से अपील की है कि वे अपने सामाजिक सम्मेलनों एवं धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिव्या कुमारी को आमंत्रित कर उसका हौसला बढ़ाएं ताकि उसके सपने को पंख लग जाएं और अपनी प्रतिभा को मुकाम पर पहुंचा सके। दयाराम राय ने दिव्या के पिता रंजीत कुमार का मोबाइल नंबर भी शेयर किया है जो 8873758643 है।
समाचार
नन्ही दिव्या ने विकलांगता को दिव्यांगता में बदला..एक पैर से करती है डांस
- by admin
- October 29, 2016
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- 9 years ago









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