January 12, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

शाम 6.30 बजे… आइये शाम को घर में गोवर्धन पूजा कर दाऊजी मंदिर में मनाएं प्रकृति का पर्व

शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की प्रमुख धरोहर मंदिर श्री दाऊजी महाराज में आज गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर श्री दाऊजी महाराज दरअसल आगरा के शिवहरे समाज के लिए गोवर्धन महाराज की सामूहिक पूजा का हमेशा से प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर प्रबंध समिति ने समाजबंधुओं से आज शाम 6.30 बजे से होने वाले इस आयोजन की गौरवशाली परंपरा में भागीदारी करने का अनुरोध किया है।

आपको बता दें कि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व होता है। गोवर्धन पर्वत को भगवान श्री कृष्ण का ही रूप माना जाता है। यह एक छोटा सा पहाड़ है जो मथुरा के गोवर्धन में स्थित है। इस गोवर्धन पर्वत को पर्वतों का राजा भी माना जाता है। यह पर्वत द्वापर युग से ही यहीं पर स्थित है। माना जाता है कि द्वापर युग से अब तक यमुना नदी तो कई बार अपना रास्ता बदल चुकी है। लेकिन यह पर्वत आज भी उसी जगह पर है।

द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने ही सभी गोकुलवासियों से गोवर्धन पर्वत की पूजा कराई थी। पुराणों के अनुसार पृथ्वीं पर गोवर्धन पर्वत के समान दूसरा कोई भी तीर्थ नही है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान के इसी रूप को पूजा जाता है। श्रीमद्भागवत में कहा गया है कि स्वजनों के कल्याण के लिए ही श्रीकृष्ण ने गोवर्धन का विराट रूप धरा। इसलिए उन्हें गिरिराज कहा गया है। गोवर्धन पूजा करके हम सभी लोग ईश्वर को धन्यवाद देते हैं कि उसने हमें विभिन्न प्राकृतिक चीजें देकर हमारा पोषण किया है।

गोवर्धन पूजा 
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 15 नवंबर सुबह 10:36 बजे से। 
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 16 नवंबर को सुबह 07:06 बजे।
गोवर्धन पूजा का मुहूर्त: 
दोपहर 03:30 बजे से 05:42 बजे तक। 
पूजा की कुल अवधि- 02 घंटे 12 मिनट 

गोवर्धन पूजा शाम के समय की जाती है। इसलिए शाम के समय स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।. इसके बाद गाय के गोबर से गोवर्धन जी की आकृति बनाएं। इसके बाद भगवान कृष्ण का स्मरण करें और अन्नकूट का भोग लगाएं।

परंपरा तो आज के दिन गाय और बैलों की पूजा करने की है। उनका श्रृंगार किया जाता है और फूलों की माला पहनाकर उनकी आरती उतारी जाती है। इसके बाद उन्हें मिठाई का भोग लगाया जाता है। लेकिन शहरों में आमतौर पर यह संभव नहीं हो पाता है। बैल तो शहरों में मिलते ही नहीं हैं। लिहाजा गांवों में यह पर्व आज भी इसी तरह मनाया जाता है। लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति बनाते हैं और उसकी पूजा करते हैं। गांवों में इसी गोबर से घर को लेपा जाता है।

जो लोग भारतीय त्योहारों को रूढ़िवादी परंपरा और उनको दकियानूसी की संज्ञा देते हैं, उन्हें इन पर्वों के महत्व को भी जानना चाहिए। गोवर्धन पूजन के दिन सभी के मन में एक जिज्ञासा उत्पन्न होती है कि गोवर्धन पूजा में गोबर को प्रयोग क्यों किया जाता है। गोबर से ही क्यों गोवर्धन पर्वत को बनाया जाता है। गोवर्धन का शाब्दिक अर्थ होता है गो संवर्धन। यानी गाय का संवर्धन।

बारिश के दिनों में या बारिश होने के बाद विभिन्न रोगों को जन्म देने वाले कीड़े-मकोड़े और बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। माना जाता है कि गोबर एक ऐसा जबरदस्त एंटी बैक्टीरियल तत्व है जो गांव देहात में इन कीड़े-मकोड़ों को तो मार ही देता है साथ ही यह विभिन्न रोगों के कारक बैक्टिरियां को भी खत्म करता है। गांव और घर के आगन में गोबर की लिपाई-पुताई से इन सबका खात्मा हो जाता है। 

इस बात का वैज्ञानिक आधार होने का दावा किया जाता है कि यदि के गोबर से जहां लिपाई-पुताई हो जाती है, तो फिर उस जगह से रेडियम किरणें पार नहीं हो सकती। दावा यह भी किया गया कि गाय के दूध और गोमूत्र में से स्वर्ण भी निकलता है। पुराने समय में तो ग्रामीण क्षेत्र के ग्वालों को गोवर्धन पूजा के दिन विशेष सम्मान दिया जाता था।

मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री भगवान स्वरूप शिवहरे का कहना है कि गोवर्धन का पर्व हम भारतीयों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। इसलिए हमें अपनी पुरातन भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने की जरूरत है। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से शाम 6.30 बजे मंदिर परिसर में होने वाली गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट समारोह में भाग लेकर पुण्य अर्जित करने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि दाऊजी मंदिर में स्थापना से लेकर अब तक हर साल गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाता है जिसमें शिवहरे समाजबंधु पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ भागीदारी करते हैं। इस बार कोरोना के संकट के बाद भी पूर्ण एहतियात बरतते हुए यह आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर प्रबंध समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों सर्वश्री बिजनेश शिवहरे, आशीष शिवहरे (जिज्ञासा पैलेस), धर्मेंद्र राज शिवहरे (कोषाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा), सियाराम शिवहरे एडवोकेट, संतोष गुप्ता ने भी समाजबंधुओं से आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है।

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